एक तरफ जहां पूरे देश की नजरें कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल के प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं तो वहीं दूसरी तरफ जूनियर स्क्वैश विश्व चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में भारत की 18 साल की बेटी अनाहत सिंह ने इतिहास रचते हुए खिताब अपने नाम कर लिया है। अनाहत सिंह की फाइनल मुकाबले में भिड़ंत मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकय्या सालेम से था जिसमें उन्होंने लगातार तीन सेट को अपने नाम करने के साथ खिताब जीतने में सफलता हासिल की। अनाहत सिंह जहां 21 साल में भारत की पहली खिलाड़ी हैं जो फाइनल में जगह बनाने में कामयाब हो सकी थी तो वहीं खिताब जीतने वाली भी पहली खिलाड़ी बन गई हैं।
तीनों सेट में मिस्र की खिलाड़ी को नहीं दिया वापसी का मौका
अनाहत सिंह ने कनाडा में हुए जूनियर स्क्वैश विश्व चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में मिस्र की रुकय्या सालेम को पहले सेट में जहां 11-3 के अंतर से मात दी तो वहीं उसके बाद दूसरे सेट को 11-7 के अंतर से जीतने में कामयाब रही। अब सभी की नजरें इस मुकाबले के तीसरे सेट पर टिकी हुई थी जिसको अनाहत सिंह 11-9 के अंतर से जीतने के साथ खिताब अपने नाम करने में कामयाब रही। अनाहत सिंह जहां साल 2005 में जोशना चिनप्पा के बाद फाइनल मुकाबले में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनी, जिसमें चिनप्पा ने इस टूर्नामेंट के फाइनल तक का सफर तक का किया था, लेकिन वह टाइटल जीतने से चूक गई थीं। वहीं अनाहत की इस ऐतिहासिक जीत पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी बधाई दी, जिसमें उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि इतिहास रचा गया! अनाहत सिंह को विश्व स्क्वैश जूनियर चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर हार्दिक बधाई ! यह अभूतपूर्व उपलब्धि हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।
ओलंपिक में भी अब अनाहत से सभी को उम्मीदें
साल 2028 में होने लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक गेम्स में स्क्वैश को भी शामिल किया गया है, जिसमें अनाहत सिंह की इस जीत से उनका आत्मविश्वास भी काफी बढ़ गया होगा। जूनियर लेवल पर अपना कमाल दिखाने के बाद अब अनाहत से सभी को सीनियर स्तर पर भी उसी प्रदर्शन की उम्मीद है। अनाहत अभी सीनियर पीएसए टूर की विश्व रैंकिंग में टॉप-20 खिलाड़ियों में शामिल हैं। ऐसे में उनके पास अभी अपनी रैंकिंग में और सुधार करने का मौका है।
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